ALL राजनीति स्पोर्ट्स आरएसएस न्यूज धार्मिक कोरोना वायरस योग व्यायाम आसान / लाइफ स्टाइल / खान पान ताजा न्यूज़ देश - विदेश कहानी ,कविता ,महापुरुषों की जीवनियां प्रदेश न्यूज
विश्व हिन्दू परिषद गुरु नानकदेव प्रकाशोत्सव पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित करेगा
October 14, 2019 • विशेष संवाददाता
गुरु नानकदेव जी के प्रकाशोत्सव पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित करेगा विहिप

17 नवंबर से शुरू होगा हितचिंतक जोड़ो अभियान

नागपुर. विहिप महामंत्री मिलिंद परांडे जी ने नागपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि निकट भविष्य में विश्व हिन्दू परिषद के दो प्रमुख कार्यक्रम आ रहे हैं. 17 नवम्बर से 01 दिसम्बर संपूर्ण देश में हितचिंतक अभियान के माध्यम से 51 लाख से अधिक हिन्दुओं को विहिप के साथ जोड़ने का प्रयास रहेगा. विदर्भ प्रांत में 02 लाख लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. पिछले अभियान में में 32 लाख से अधिक लोग जोड़े गए थे.

इसी प्रकार 10 नवम्बर से 17 नवम्बर तक श्री गुरू नानकदेव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के निमित्त देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. गुरु नानकदेव जी के सामाजिक समरसता एवं अध्यात्म के संदेश को समाज तक पहुंचाया जाएगा.

उन्होंने बताया कि हाल ही में बारिश के कारण अनेक राज्यों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई, इस विकट परिस्थिति में विहिप ने महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, कर्नाटक, केरल सहित अन्य राज्यों में प्रभावित परिवारों को चिकित्सा, भोजन, वस्त्र, अस्थायी निवास उपलब्ध करवाया.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनसंख्या असंतुलन मुस्लिम घुसपैठ के कारण निरंतर बढ़ रहा है. नागरिकता अधिनियम में योग्य बदलाव करते हुये भारत के निकट देशों से भारत में शरण लेने के लिये आए व भविष्य में आने वाले हिन्दुओं को नागरिकता, सुरक्षा तथा सहयोग करने की मांग भारत सरकार से विहिप करता है. साथ ही मांग की कि हिन्दुओं के विरूद्ध पश्चिम बंगाल में चल रहे हिंसा के तांडव को रोकने के लिये बंगाल में एनआरसी लागू करना अवश्यक है. संवैधानिक पद पर रहते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने पुलिस स्टेशन में जाकर अपने पहचान पत्र खो जाने की F.I.R. दर्ज करवाने की सलाह घुसपैठियों को दी है, यह अत्यंत गैर जिम्मेदारना वक्तव्य है. इससे घुसपैठियों को ही प्रोत्साहन मिलेगा और आंतरिक सुरक्षा को खतरा निर्माण होगा.

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में चुनकर आई जगन मोहन रेड्डी सरकार ने अनेक हिन्दू विरोधी कदम उठाए हैं. इसाई पादरियों तथा मौलवियों को हर माह वेतन देने की घोषणा हिन्दू विरोधी, पक्षपात पूर्ण, तुष्टीकरण की नीति तथा असंवैधानिक है.

हिन्दू मंदिरों की भूमि वंचित वर्ग को घर बनाने के लिये आबंटित करना भी अन्याय पूर्ण है. आंध्र प्रदेश में ब्रिटिश सरकार द्वारा चर्च को लीज पर दी गई भूमि की लीज़ 1994 में ही समाप्त हो गई थी. इसलिए समाज के वंचित वर्ग को घर बनाने के लिये चर्च तथा वक्फ बोर्ड भूमि का उपयोग करने पर भी आंध्र प्रदेश सरकार को विचार करना चाहिये. हिन्दू मंदिरों के प्रबंधन में कई स्थानों पर ईसाई और मुसलमानों को नौकरी दी है. उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करना चाहिये. ऐसे अनेक कर्मचारी हिन्दू धर्मावलंबियों के धर्मांतरण के षड्यंत्रों में संलिप्त पाए गए हैं.