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मध्यप्रदेश /भोपाल राजधानी सहित प्रदेश भर में पंजीयन विभाग के अधिकारियों की छुट्टी के चलते रजिस्ट्री कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा
November 28, 2019 • भोपाल संवाददाता • प्रदेश न्यूज

सब रजिस्ट्रारों ने अपनी आइडी भी नहीं खोली, कितने स्लॉट बुक हुए, जानकारी नहीं, लोग हुए परेशान

भोपाल। राजधानी सहित प्रदेश भर में पंजीयन विभाग के अधिकारियों के एक दिनी अवकाश के चलते भोपाल के आईएसबीटी और परी बाजार स्थित रजिस्ट्री कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा, एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। सुबह के स्लॉट टाइम में कुछ लोग कार्यालयों से वापस लौटे हैं, लेकिन अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे। पंजीयन विभाग के अफसरों का कहना है कि नियम विरूद्ध की गई गलत एफआईआर के विरोध में वे सामूहिक अवकाश पर रहे।

संघ पदाधिकारियों की तरफ से सभी जिलों में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा गया है। जिसमें मांग की गई है कि पंजीयन अधिकारी पर प्रकरण दर्ज करने से पहले नियुक्ताकर्ता प्राधिकारी की अनुमति जरूर ली जाए। साथ ही साफ कर दिया कि अगर समय सीमा के अंदर मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो प्रदेश के सभी पंजीयन अफसर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

मध्यप्रदेश पंजीयन विभाग अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुष्यंत दीक्षित का कहना है कि गलत तरीके से की गई एफआईआर तत्काल वापस ली जाए। अलग-अलग संस्थाओं की तरफ से कई प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। दस्तावेजों एवं पहचान पत्रों के आधार पर उप पंजीयक रजिस्ट्री करते हैं। ऐसे दस्तावेजों की जांच उप पंजीयक नहीं कर सकते। ऐसे में दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उप पंजीयक को दोषी नहीं माना जा सकता है, ये प्रक्रिया गलत है।

सौ करोड़ राजस्व का नुकसान

प्रदेश भर में प्रतिदिन करीब साढ़े तीन हजार रजिस्ट्रियां व अन्य दस्तावेज पंजीयन कार्यालयों में रजिस्टर्ड होते हैं। बुधवार को एक दिन अवकाश के चलते शासन को करीब सौ करोड़ का राजस्व नहीं मिल सका। जितने भी स्पॉट बुक थे वे गुरुवार को रि शिड्यूल किए जाएंगे।

ये है वजह

नीमच जिले के जावद तहसील में उप पंजीयक राजेश सोहेल के खिलाफ एसडीएम के निर्देश पर एफआईआर की गई है। संघ का कहना है कि ये एफआईआर गलत तरीके से की गई है, इसे वापस लिया जाए। इससे पहले 2001 में पंजीयन अधिकारियों ने हड़ताल की थी।

पंजीयन अधिकारियों से चर्चा की गई है, एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दे दिया है। आगे भी कार्रवाई न हो इसके लिए अधिकारियों ने कहा है। - दुष्यंत दीक्षित, अध्यक्ष, मप्र पंजीयन विभाग अधिकारी कर्मचारी संघ