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मध्य प्रदेश भोपाल भारतीय जनता पार्टी के नए प्रत्यक्ष अध्यक्ष को लेकर कश्मकश नजर आने लगी है
November 12, 2019 • भोपाल संवाददाता • प्रदेश न्यूज

मध्य प्रदेश भोपाल भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर  कश्मकश नजर आने लगी है

1 से 15 दिसंबर के बीच प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का निर्वाचन होना है।

भोपाल। भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कशमकश नजर आने लगी है। यही वजह है कि पार्टी आलाकमान सभी राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुने जाने पर विचार कर रहा है। जिससे चुनाव में होने वाले विवाद की स्थिति से बचा जा सके।

तय कार्यक्रम के अनुसार 1 से 15 दिसंबर के बीच प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का निर्वाचन होना है। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एवं कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश के बड़े नेताओं को बुलाकर वनटूवन कर रहे हैं।

पहले शिवराज, फिर राकेश पहुंचे दिल्ली -

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले दिनों दिल्ली दौरे पर थे। वे दो दिन तक लगातार दिल्ली में रहे और इस दौरान उन्होंने अमित शाह, जेपी नड्डा के साथ ही राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से भी मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक शाह ने उनसे प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के विषय पर भी चर्चा की है।

इधर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी पिछले दो दिनों से दिल्ली दौरे पर हैं। राकेश की भी शाह सहित पार्टी के बड़े नेताओं से संगठन चुनाव पर चर्चा हुई है। वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और थावरचंद गेहलोत से भी केंद्रीय संगठन ने चर्चा की है। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए उन राज्यों पर विशेष फोकस कर रही है जहां पिछले एक साल में उसे सत्ता गंवानी पड़ी है या उसकी सीटे कम हुई है। इसमें मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा शामिल है।

पिछली बार कुलस्ते ने की थी तैयारी-

केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्त ने दो बार प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव लडऩे की तैयारी कर ली थी। २०१० में प्रभात झा को केंद्रीय संगठन ने अध्यक्ष के लिए उम्मीदवार तय किया था वहीं २०१६ में नंदकुमार सिंह चौहान का नाम तय हुआ था। दोनों बार कुलस्ते ने चुनाव लडऩे का मन बना लिया था। ऐसे में आखिरी वक्त पर पार्टी के बड़े नेताओ के समझाने से वे माने थे। ऐसे में पार्टी इस बार चाहती है कि केंद्रीय संगठन द्वारा प्रस्तावित नाम सर्वसम्मति से चुना जाए, चुनाव की स्थिति न बने।