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मध्य प्रदेश भोपाल /अब रजिस्ट्री के साथ ही ऑटोमेटिक नामांतरण हो जाएगा
October 23, 2019 • विशेष संवाददाता

मध्य प्रदेश /भोपाल अब रजिस्ट्री के साथ ही ऑटोमेटिक नामांतरण हो जाएगा इसके लिए तीन प्रोग्राम को कम्बाइन कर के एक माडुलर तैयार किया जा रहा है

तीन प्रोग्राम का कम्बाइंड बनेगा मॉड्यूल : नामांतरण अलग से कराने की जरूरत नहीं रह जाएगी।

भोपाल। प्रदेश में आम लोगों के लिए मकान-प्लाट की खरीदारी को सरल करने के लिए सरकार ने अब ऑटोमैटिक नामांतरण का फार्मूला लागू करना तय किया है।

इसके तहत अब रजिस्ट्री के साथ ही ऑटोमैटिक नामांतरण हो जाएगा। इसके लिए तीन प्रोग्राम को कम्बाइंड करके एक मॉडयूल तैयार किया जा रहा है। इसके बाद लोगों को अलग से नामांतरण के लिए चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

दरअसल, सरकार ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जमीन, फ्लैट व मकान की खरीदारी की पूरी प्रक्रिया सरल की जा रही है। इसके लिए एेसे नियमों को बदला जा रहा है, जिनसे आम आदमी को परेशान होना पड़ता है। इसके चलते नामांतर की प्रक्रिया में बदलाव किए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन और राजस्व विभाग मिलकर मैप-आईटी से स्पेशल मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं। इस मॉड्यूल के साफ्टवेयर को सभी शहरों व गांवों में रजिस्ट्री के लिए लागू किया जाएगा।

इस साफ्टवेयर में यह ऑटोमैटिक सिस्टम होगा कि कोई व्यक्ति रजिस्ट्री कराता है, तो साथ में उसका नाम नामांतरण में भी दर्ज हो जाए। इसके लिए तय शुल्क रजिस्ट्री शुल्क में ही शामिल हो जाएगा। यही नहीं अभी नामांतर की पूरी प्रक्रिया में जो शुल्क लगता है, वह भी नई व्यवस्था में कम हो जाएगा। क्योंकि, ऑटोमैटिक अपडेशन होने से इसकी प्रक्रिया घट जाएगी।


हर रिकार्ड होगा अपडेट- नए मॉड्यूल में जमीनों का पूरा रिकार्ड अपडेट होगा। इसी कारण शहरों व गांवों के जमीनों के रिकार्ड को डिजिटलाइज किया जा रहा है। इसके तहत हर जमीन का ब्यौरा कम्प्यूटर साफ्टवेयर पर होगा, जिससे नामांतरण अपडेशन ऑटोमैटिक हो जाएगा। इसके लिए हर नजूल का रिकार्ड साफ्टवेयर में फीड किया जा रहा है।


अभी नामांतरण बेहद कम-

अभी नामांतरण को लेकर लोग जागरूक नहीं है। सामान्यत: लोग रजिस्ट्री कराकर रख लेते हैं और नामांतरण नहीं कराते। जबकि, नामांतर के बाद ही जमीन या मकान की वैधानिकता पूर्ण होती है।

अधिकतर प्रॉपटी में बिना नामांतरण के ही रजिस्ट्री कराकर अनेक बार खरीदी-बिक्री हो जाती है। अभी नामांतरण करने वाले लोगों का औसत ३५ फीसदी तक ही है। नए प्रावधान के बाद नामांतरण अनिवार्य होगा, क्योंकि यह रजिस्ट्री में ही शामिल रहेगा।

फायदा ये होगा-
- जमीन की खरीद-फरोख्त आसान होगी।

- प्लाट की डबल रजिस्ट्री की गड़बड़ी पर अंकुश।
- फर्जीवाड़े में कमी आएगी, रिकार्ड अपडेट रहेगा।

- नामांतरण का राजस्व बढ़ेगा। अभी लोग कराते ही नहीं।
- अवैध कॉलोनी व अवैध बिक्री पर अंकुश होगा

- रजिस्ट्री व नामांतरण जल्द होगा। समयसीमा कम।
- लोगों को नामांतरण के लिए चक्कर नहीं लगाने होंगे।


इनका कहना-

प्रदेश में जल्दी ही हम रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण को करने की प्रक्रिया ला रहे हैं। इसके लिए राजस्व विभाग के साथ मिलकर मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।

- जयवद्र्धन सिंह, मंत्री, नगरीय प्रशासन, मप्र