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,उत्तर प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई 5558 हिरासत में 925गिरफ्तार caa विरोधी दंगाइयों के खिलाफ यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
December 25, 2019 • जनस्वामी दर्पण • प्रदेश न्यूज
5558 हिरासत में, 925 गिरफ्तार: CAA विरोधी दंगाइयों के खिलाफ UP पुलिस की बड़ी कार्यवाही 
 

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकता संधोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के नाम पर उपद्रव करने वालों के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अब तक के आँकड़ों के अनुसार, कुल 5558 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके अलावा 925 लोगों को गिरफ़्तार भी किया है। अब तक 213 एफआईआर दर्ज किए गए हैं। कानपुर के एसएसपी अनंत देव ने बताया कि अकेले कानपुर में 21,500 उपद्रवियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। शहर के विभिन्न पुलिस थानों में 15 एफआईआर दर्ज किए गए हैं।

बाबूपुरवा पुलिस थाने में 5000 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। वहीं यतीमगंज थाने में 4000 उपद्रवियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। शहर में 5 दिनों से इंटरनेट बंद है। पुलिस ने बताया कि शांति-व्यवस्था कायम है और पिछले कुछ दिनों में हिंसा की कोई भी नई वारदात नहीं हुई है। बाजार भी खुले हुए हैं। डीएम विजय विश्व पंत ने बताया कि जैसे ही स्थिति और सुधरेगी, इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया जाएगा।

पूरे उत्तर प्रदेश में सीएए को लेकर हुई हिंसा में 18 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। आत्मरक्षा में सुलेमान को गोली लगने वाली घटना को छोड़ दें तो पुलिस ने कहीं भी फायरिंग किए जाने से इनकार किया है। सुलेमान के साथियों ने सब-इंस्पेक्टर आशीष से उनकी पिस्टल छीन ली थी। सुलेमान ने कॉन्स्टेबल मोहित पर गोली चलाई, जो उनके पेट में जाकर लगी। आत्मरक्षा में किए गए फायर में सुलेमान की मौत हो गई, जिसे मीडिया ने बड़ा मुद्दा बनाया। मीडिया ने उसे 'यूपीएससी की तैयारी करने वाला छात्र' बता कर पुलिस को ही घेरा।

#UttarPradesh #CAAProtests 
नागरिकता कानून के विरोध में हिंसा का मामला, UP पुलिस ने जारी किए कार्रवाई के नए आंकड़े, अब तक कुल 213 एफआईआर दर्ज, 925 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है@Uppolice @UPGovthttps://t.co/Tuhtr4KWavpic.twitter.com/tuxZ7Galtd

— Zee Uttar Pradesh Uttarakhand (@ZEEUPUK) December 24, 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लखनऊ में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए उपद्रवियों से कहा कि वो अपने दिल पर हाथ रख कर पूछें कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना और पुलिस पर हमला करना था क्या? बॉलीवुड के कई लोगों ने भी उलटा यूपी पुलिस को ही निशाने पर लिया है। फ़िल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज ने पुलिस को बर्बर बताया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने दावा किया है कि कई निर्दोष लोग भी मारे गए हैं, जिसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए।