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होशंगाबाद रेत विवाद में गिरी पहले गाज .आईटी सलाहकार कृष्णा शर्मा की सेवा समाप्त
September 21, 2019 • विशेष संवादददाता

होशंगाबाद में रेत विवाद में पहली   गाज गिरी आईटी सलाहकार कृष्णा शर्मा की सेवा समाप्त 

 
 होशंगाबाद कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और तत्कालीन एसडीएम रवीश श्रीवास्तव के बीच शुरू हुए विवाद में अब कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। खनिज विभाग ने ई-पोर्टल पर काम करने वाले संविदा आईटी सलाहकार कृष्णा शर्मा की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
 

शर्मा का दोष यह है कि उन्होंने होशंगाबाद कलेक्टर के कहने पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास (ईटीपी) जारी करने पोर्टल खोल दिया। इसके लिए उन्होंने किसी की अनुमति भी नहीं ली। वहीं, कलेक्टर को ई-पोर्टल बंद होने के बाद भी ईटीपी जारी करने के मामले में दोषी नहीं पाया।

 

16 जिलों में 13 सितंबर तक ईटीपी जारी हुए थे। हालांकि, जिले में 12 सितंबर को पांच बजे के बाद प्रति घंटे 20 ट्रांजिट पास जारी हुए, जो ज्यादा तो हैं पर असामान्य नहीं। खनिज विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग को तकनीकी पहलुओं पर जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

सूत्रों के मुताबिक होशंगाबाद में कलेक्टर और तत्कालीन एसडीएम के बीच विवाद की मुख्य वजह रेत के स्टॉक की निकासी को माना जा रहा है। शिकवा-शिकायत होने के बाद नर्मदापुरम कमिश्नर आरके मिश्रा ने जो पहली रिपोर्ट भेजी थी, उसमें रेत विवाद का तथ्यात्मक ब्यौरा नहीं था। इस पर सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव 'कार्मिक" दीप्ति गौड़ मुकर्जी ने दोबारा रिपोर्ट मांगी थी। उधर, खनिज विभाग ने भी तकनीकी पहलुओं पर प्रतिवेदन देने का निर्णय किया। विभाग ने गुरुवार देर शाम अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

 

उच्च पदस्थ अधिकारियों का कहना है कि खनिज निगम का ई-पोर्टल बंद होने के बाद दो घंटे तक इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास जारी होने के मामले में कोई अनियमितता नहीं पाई गई है। 30 अगस्त 2019 को नए रेत नियम लागू किए गए हैं। इसके नियम 18 में रेत भंडार के निष्पादन का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है। एक लाख घनमीटर की सीमा तक कलेक्टर एक माह में रेत के परिवहन की अनुमति दे सकते हैं।

इससे अधिक मात्रा होने पर अवधि तय करने का अधिकार संचालक खनिज के पास रखा गया है। इसका उपयोग करते हुए कलेक्टरों ने भंडारों से रेत की निकासी के लिए ईटीपी जारी किए। पांच से 11 सितंबर तक 98 रेत भंडारों के लिए ईटीपी जारी करने की अनुमति दी गई। इसी दौरान यह बात सामने आई कि 2017 में पर्यावरण विभाग का निर्देश था कि रेत के भंडार के लिए भी प्रदूषण मंडल से जल और वायु की अनुमति लेनी होगी।

 

10 सितंबर को इस मुद्दे पर पर्यावरण और खनिज विभाग की बैठक हुई और प्रमुख सचिव खनिज नीरज मंडलोई ने 12 सितंबर को सभी कलेक्टरों को आदेश दिया कि बिना जल और वायु की प्रदूषण मंडल से अनुमति लिए रेत भंडार से निकासी की अनुमति न दी जाए। हालांकि, इसमें कोई समय तय नहीं किया गया था लेकिन शाम पांच बजे सभी ई-पोर्टल बंद हो गए। इसमें होशंगाबाद के आठ भंडार भी शामिल थे।

12 सितंबर को पांच बजे के बाद 16 जिलों में बने ईटीपी

खनिज विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि होशंगाबाद ही नहीं प्रदेश के 16 जिलों में 12 सितंबर को पांच बजे के बाद ईटीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) बने। इसमें बड़ी आपत्ति इसलिए नहीं है कि क्योंकि खदानों से रेत निकालकर भंडार में रखी गई थी। इसकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई। भंडार के सत्यापन के लिए भी कलेक्टरों को कहा गया। इस संबंध में कोई लिखित शिकायत भी अब तक नहीं मिली।

कमिश्नर ने बताया, हर घंटे 20 ईटीपी हुई जारी

नर्मदापुरम कमिश्नर आरके मिश्रा ने सामान्य प्रशासन विभाग को रिपोर्ट में बताया 12 सितंबर को शाम पांच से सात बजे के बीच तेजी से ईटीपी जारी हुई। प्रति घंटे करीब 20 ईटीपी जारी हुई। खनिज विभाग ने एक साल के रिकॉर्ड के आधार पर पाया कि यह तुलनात्मक रूप से ज्यादा जरूर है पर असामान्य भी नहीं माना जा सकता क्योंकि प्रतिबंध लगने वाला था, इसलिए ईटीपी जारी होने में तेजी स्वभाविक थी। वैसे प्रति घंटा औसत 12 से 14 ईटीपी जारी होती हैं। खनिज विभाग ने भी इस पर अपना पक्ष सामान्य प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है।

अब सीएम के पाले में गेंद

सूत्रों का कहना है कि गुरुवार देर शाम मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती के सामने प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन दीप्ति गौड़ मुकर्जी ने होशंगाबाद कमिश्नर और खनिज विभाग की रिपोर्ट रख दी। रिपोर्ट पर अधिकारियों के स्तर पर परीक्षण हो चुका है।

इस मामले में अब अगली कार्रवाई मुख्यमंत्री कमलनाथ के स्तर से निर्णय होने के बाद ही होगी। माना जा रहा है कि इस मामले में जिस तरह से रेत को लेकर सरकार की बदनामी हुई है, उससे सरकार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम भी उठा सकती है। साथ ही अधिकारियों के बीच जिस तरह से विवाद सार्वजनिक हुआ, उससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए, इसलिए कार्रवाई हो सकती है। 

 

बिना अनुमति पोर्टल खोलने पर शर्मा को किया सेवा से बाहर: मंडलोई

खनिज विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि हमने तकनीकी पहलुओं को अपनी रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दी है। इस पर मुझे कुछ भी नहीं कहना है। होशंगाबाद कलेक्टर के अनुरोध पर ई-पोर्टल खोलने वाले मैपआईटी के संविदा आईटी सलाहकार कृष्णा शर्मा की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।