ALL राजनीति आरएसएस न्यूज स्पोर्ट्स धार्मिक ताजा न्यूज़ कहानी ,कविता ,महापुरुषों की जीवनियां प्रदेश न्यूज खान पान लाइफ स्टाइल योग व्यायाम आसान
रिश्ते को संभालें नाजुक डोर की तरह..
September 1, 2019 • जनस्वामी दर्पण

रिश्ते को संभालें नाजुक डोर की तरह...                                          रिश्ता नाजुक डोर की तरह होता है। एक बार टूट जाए तो दुबारा जोड़ने पर गांठ पड ही जाती रिश्ते को संभालें                                                                              नाजुक अक्सर हम इंतजार करते रह जाते हैं कि सही वक्त आएगा और हम अपने प्यार का इजहार करेंगे। यह सच है कि सही वक्त कभी नहीं आता। प्यार दो लोगों की भावनाओं को प्रदर्शित करता है। विश्वास और आपसी समझ किसी रिश्ते की नींव होती है लेकिन आखिर हम हैं इंसान ही। अपनी नादानियों में हम उन रिश्तों को खो देते हैं जिन्हें ताउम्र संभाल के रखने की जरूरत होती है। इसलिए रिश्तों की इस खूबसूरत सौगात को बहुत संभाल कर रखने की जरूरत होती है क्योंकि एक बार ये बिगड़ना शुरू हो गए तो संभाल पाना मुश्किल होता है।             रिफ्रेश करें रिश्ते को                                                          सबसे पहले तो आप प्रॉब्लम की जड़ तक जाएं और यह समझने की कोशिश करें कि ऐसा क्यों हो रहा है। ऐसी क्या वजह है जो आप दोनों के बीच दूरियां आ रही हैं। कारण हैं ढूढने से ही कुछ नहीं होता है बल्कि उसे सॉल्व' करने की कोशिश करें।                                                            ह गह तो जाहिर है कि जब दो अजनबी किसी परिश्ते में जुड़ते हैं तो बहुत सारे एडजर मेंट करने पड़ते हैं। क्योंकि न तो आप परफेक्ट होत हैं और न ही वो। इसलिए शांति से बैठकर देनों की पसंद और नापसंद को जानें क्योकि समय के साथ-साथ पसंद और नापसंद बदलती है। ' इसलिए सातियोकि सका . तभी रिस्ता होटा खुटात डोमिनेट नहाए मूल कर मी पाठ दर किसी की अलग पर्सनलिटी होती है। सबको अपनी मर्जी से जीने की चाहत भी होती है। इसलिए भूल कर भी पार्टनर पर , डॉमिनेट न हों। इससे रिश्ते दरक जाते हैं। पार्टनर और रिश्ते को दिल से पूर्णतः अपनाना होगा, तभी रिश्ता हमेशा खुशगवार बना रहेगा।                       कैसे रखें रिश्ते को सरक्षित                                                को सरक्षित रिश्ते कभी ऐसे तुरंत बिखर नहीं जाते। बल्कि ऐसा होने से पहले आपको कई तरह के संकेत मिल जाने शुरू हो जाते हैं। अगर आप इन्हें समझ जाएंगे तो शायद आप अपने रिश्तों को सुरक्षित रख पाने में कामयाब रहे।                                                                              अगर आपके पार्टनर के शब्दकोश में 'बिजी हूं' जैसा शब्द आ जाए। इसके अलावा आप अगर उन्हें कॉल करें और वो आपका फोन न उठाएं या निस कॉल देखकर आपको फोन न करें, तो यह संकेत है कि आपके रिश्ते में कहीं न कहीं कुछ खटास तो आ रही है।                                              कहीं कुछ खटास तो आ रही है। अगर आजकल आपके पार्टनर बातों-बातों में यह कहे कि उसे अपने लिए कल स्पेस चाहिए तो यह भी संकेत है कि वो रिश्तों में कुछ दूरियां चाहते हैं। इसलिए अपने रिश्तों पर। थोड़ा ध्यान देना शुरू करें।                                                                                थोड़ा ध्यान देना शुरू करें। अगर आप दुख या गुस्से में हैं। आपकी इन परिस्थिति में आपके पार्टनर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है और उनका चेहरा भावशून्य है तो जाहिर सी बात है कि आपका रिश्ता खत्म होने के कगार पर है।                                                                                होने के कगार पर है। पहले आपसे जुड़ी हर महत्वपूर्ण डेट्स याद रहती थीं और अचानक से यह सब बंद हो गया और उन्हें अब कुछ याद नहीं रहता है। यह परिवर्तन बताता है कि रिश्ते को संभालने की जरूरत है।