ALL राजनीति आरएसएस न्यूज स्पोर्ट्स धार्मिक ताजा न्यूज़ कहानी ,कविता ,महापुरुषों की जीवनियां प्रदेश न्यूज खान पान लाइफ स्टाइल योग व्यायाम आसान
माँ भारती की सुपुत्रि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 67 वर्ष की उम्र में निधन
August 6, 2019 • नई दिल्ली-विशेष संवाददाता

नई  दिल्ली : पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात ९ बजे निधन हो गया। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, नितिन गडकरी एम्स में मौजूद हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि मैं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से स्तब्ध हूं। थोड़ी देर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी एम्स पहुंचें।

जन्म : १४ फरवरी १९५२ ---- मृत्यु : ०६ अगस्त २०१९

इससे पहले सुषमा जी ने शाम ७ बजे कश्मीर मुद्दे पर फैसले के लिए तीन घंटे पहले ही मोदी को बधाई देता ट्वीट किया था।

पहला चुनाव 1977 में लड़ा था

सुषमा ने सबसे पहला चुनाव 1977 में लड़ा। तब वे 25 साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं। उन्हें हरियाणा की देवीलाल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं।

1998 में दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं
नब्बे के दशक में सुषमा राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गईं। अटलजी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। 1998 में उन्होंने अटलजी की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि, इसके बाद हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई। पार्टी की हार के बाद सुषमा ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी और राष्ट्रीय राजनीति में लौट आईं।

1999 में बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया से हारीं
1996 में हुए लोकसभा चुनाव में सुषमा दक्षिण दिल्ली से सांसद बनी थीं। इसके बाद 13 दिन की अटलजी की सरकार में उन्हें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाया गया। मार्च 1998 में दूसरी बार अटलजी की सरकार बनने पर वे एक फिर से आईबी मिनिस्टरबनीं। 1999 में उन्होंने बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वे यहां हार गईं।

2014 से 2019 तक विदेश मंत्री रहीं

सुषमा 2009 और 2014 में विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतीं। 2014 से 2019 तक वे विदेश मंत्री रहीं और दुनियाभर में भारतीयों को उन्होंने एक ट्वीट पर मदद मुहैया कराई। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। भाजपा की जीत के बाद मन जा रहा था कि वे दोबारा विदेश मंत्री बनेंगी, लेकिन उन्होंने खराब सेहत के चलते मंत्री पद नहीं लिया।